Inverter / Inverter Working Principle /Inverter के बारे में पूरी जानकारी

 Inverter एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो डीसी (DC) संचार को एकल (single) या तीन चरण (three phase) एसी (AC) संचार में बदलता है। इसका उपयोग आमतौर पर बिजली की उपलब्धता न होने की स्थितियों में या बिजली की आपूर्ति में विचलन होने पर एक अनुकूल उत्पादन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।

Inverter

इनवर्टर (Inverter) एक उच्च फ्रीक्वेंसी वेव (high frequency wave) उत्पन्न करता है जो एक या अधिक तरंगों में होता है और इसे एक स्थिर तरंग बनाने के लिए एक फिल्टर (filter) का उपयोग किया जाता है। एक इनवर्टर में एक डीसी स्रोत (DC source) होता है जो बाइपास (bypass) के माध्यम से संचार लाइन (transmission line) से जुड़ा होता है।

Inverter के विभिन्न प्रकार होते हैं, जिनमें से अनुसार आपके आवश्यकताओं के अनुसार चुनाव किया जा सकता है। ये विभिन्न प्रकार इस प्रकार होते हैं:

  • सर्कुलर इनवर्टर (Circular Inverter)
  • सकल इनवर्टर (Scalar Inverter)
  • वेक्टर इनवर्टर (Vector Inverter)

सर्कुलर इनवर्टर (Circular Inverter):

सर्कुलर इनवर्टर(Circular Inverter) एक परंपरागत Inverter होता है जो सामान्यतः एक तरंग में विद्युत संचार करता है। इस Inverter का उपयोग सामान्य असिंक्रोनस मोटर और लोड के लिए किया जाता है। इस प्रकार के Inverter में एक फेज शुरू होता है और बाद में दो फेज के रूप में आगे बढ़ता है।

सकल इनवर्टर (Scalar Inverter):

सकल इनवर्टर(Scalar Inverter) एक परंपरागत इनवर्टर होता है जो एक तरंग में विद्युत संचार करता है। इस प्रकार के Inverter का उपयोग बहुत से अनुप्रयोगों में किया जाता है, जैसे उच्च वोल्टेज डीसी (High Voltage DC) संचार, सोलर ऊर्जा प्रणाली, उच्च तापमान की प्रणालियों और नाव आदि।

वेक्टर इनवर्टर (Vector Inverter):

वेक्टर इनवर्टर(Vector Inverter) एक उन्नत इनवर्टर होता है जो संभवतः तीन चरण (Three phase) एसी संचार करता है। इस प्रकार के Inverter का उपयोग सीधे द्रुति वाली मोटर जैसे कि एसी सर्वो मोटर आदि के लिए किया जाता है ।

Inverter Working Principle 

Inverter का काम डीसी (DC) विद्युत को एक तरंग में परिवर्तित करना होता है जो एसी (AC) विद्युत में बदल जाती है। इनवर्टर में इसके लिए एक संचालन सरणी होती है जो उच्च फ्रीक्वेंसी की पलटी हुई साइन वॉल्टेज का उपयोग करती हुई डीसी से एक उच्च फ्रीक्वेंसी एसी का उत्पादन करती है।

Inverter में एक संचालन सरणी होती है जो मूल रूप से एक चालक विद्युत के स्रोत से विद्युत लेती है। इस विद्युत को एक उच्च फ्रीक्वेंसी वाली विद्युत में परिवर्तित किया जाता है। संचालन सरणी एक प्रणाली होती है जो एक संकेतक से निर्देशित होती है। यह संकेतक संचालन सरणी को निर्देशित करता है कि किस तारीख के अनुसार विद्युत को किस तरंग के रूप में उत्पादित किया जाना है।

इस प्रक्रिया के दौरान, संचालन सरणी उच्च फ्रीक्वेंसी धारा को सीधे लोड को सप्लाई करती है जो एक उच्च फ्रीक्वेंसी वाली साइन वॉल्टेज में बदल जाती है। यह वाल्टेज फिर एक फिल्टर से गुजरता है।

Inverter का उपयोग

Inverter विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। यह बिजली की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करता है जब बिजली शक्ति की आपूर्ति कम होती है। इसके अलावा, यह बिजली की संचार लाइन में बिजली उत्पादन करने की क्षमता को बढ़ाता है।

Inverter को उन स्थानों पर भी उपयोग किया जाता है जहाँ बिजली का आपूर्ति नहीं होता है जैसे कि एक पिकनिक, यात्रा, यात्रा आदि। इनवर्टर को आमतौर पर कैम्पिंग ट्रिप, रेस्तरां, गैर-आवासीय स्थानों आदि में इस्तेमाल किया जाता है जहाँ बिजली की उपलब्धता में कमी होती है।

Inverter को उपयोग करके आप अपने घर में अलग-अलग उपकरणों को चला सकते हैं जैसे कि टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, कूलर, लाइट बल्ब, फैन आदि। इसके अलावा, Inverter सिस्टम को ऊर्जा भंडारण के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है ताकि बिजली की उपलब्धता में कमी के समय इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण चलाए जा सकें।


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